10 महान योद्धा सम्राट और किंग्स

10-Great-Kings-of-India-in-Hindi-भारत-के-10-महान-शासक

10-Great-Kings-of-India-in-Hindi-भारत-के-10-महान-शासक भारत के 10 महान शासक
1. अजातशत्रु- 491 BC

2. चन्द्रगुप्त मौर्य (340 BC)

3. सम्राट अशोक ( 304 BC):

4. समुद्रगुप्त – चौथी शताब्दी

5. राजा राजा चोला ( चोला वंश) 10वीं शताब्दी

6. कृष्णदेवराय 1509- 1530

7. महाराणा प्रताप 1540-1597 (मेवाड़ वंश- राजपूत शासक)

8. अकबर ( 1556-1605)

9. शिवाजी महाराज 1660-1680 (मराठा शासन )

10. महाराजा रणजीत सिंह (सिख शासक )1780-1839

SIR A.P.J. Abdul Kalam: Biography, Books, Quotes and Awards

World-Leaders A.P.J. Abdul Kalam

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, पूर्ण अवुल पाकिर जैनुलदेबेन अब्दुल कलाम में, (जन्म 15 अक्टूबर, 1931, रामेश्वरम, भारत – 27 जुलाई, 2015, शिलांग), भारतीय वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ, जिन्होंने भारत के मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रमों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। । वह 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। A.P.J Abdul Kalam: Family History and Early Life कलाम ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से वैमानिकी इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और 1958 में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में शामिल हो गए। 1969 में वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन…

नही रहे विश्वप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हमीद अब्दुल हई, अमरीका में हुआ निधन

नही रहे विश्वप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हमीद अब्दुल हई, अमरीका में हुआ निधन

विश्वप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हमीद अब्दुल हई का जन्म बिहार के पटना में एक मज़हबी घराने में हुआ था। माँ का नाम आले फ़ातिमा हई था। पिता पद्मा भूषण मुहम्मद अब्दुल हई डॉक्टर थे, प्रिंस ऑफ़ वेल्स मेडिकल कॉलेज, पटना में प्रोफ़ेसर थे। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हमीद अब्दुल हमीद अब्दुल हई ने शुरुआती तालीम घर पर ही हासिल की, बहुत मज़हबी आदमी थे, इस्लामी धर्मशास्‍त्र का भी अच्छा ज्ञान था, तफ़सीर, हदीस, फ़िक़ह के इलावा इस्लामी तारीख़ में भी गहरी दिलचस्पी थी, सूफ़िज़म और तसव्वुफ़ से गहरा लगाव…

खंडहर बन गए बिहार की सबसे पुरानी ऐतिहासिक लाइब्रेरी बर्बादी की कगार पर है ये ऐतिहासिक लाइब्रेरी, कभी यहां पहुंचे थे राजेंद्र प्रसाद और जाकिर हुसैन

खंडहर बन गए बिहार की सबसे पुरानी ऐतिहासिक लाइब्रेरी

बिहार (Bihar) में नालंदा (Nalanda) जिले के बिहारशरीफ से लगभग 14 किलोमीटर दूर अस्थावां प्रखंड के देशना गांव (Desna) में स्थित अल-इल्लाह उर्दू लाइब्रेरी में हजारों पुरानी किताबें आज प्रशासनिक अनदेखी के कारण सड़-गल रही हैं. इस लाइब्रेरी को देखने कभी देश के पहले राष्ट्रपति देशरत्न डाॅ. राजेंद्र प्रसाद (Dr Rajendra Prasad) और तत्कालीन राज्यपाल डॉ. जाकिर हुसैन (Dr Zakir Husain) पहुंचे थे. इस लाइब्रेरी की स्थापना 1892 में की गई थी. इस लाइब्रेरी में कभी एक लाख किताबें हुआ करती थीं. आज भी यहां अनेक नायाब किताबें मौजूद हैं.  पटना के खुदाबख्श…

NITPatna की बुनियाद मे मुसलमान का किरदार

NITPatna की बुनियाद मे मुसलमान का किरदार

सन 1900 मे बिहार का सबसे पहला Engineering कालेज Bihar School of Engineering वजुद मे आया और इसके बनने मे 1 लाख 38 हज़ार रुपये का ख़र्च आया था जिसमे से 1 लाख रुपये की रक़म नवाब लुत्फ़ अली ख़ान, गुज़री पटना सिटी ने दिया था. जैसा के आपको मालुम होगा 1885 से पहले बिहार मे इंजिनयरिंग कालेज तो दुर इंजिनयरिंग स्कुल भी नही था पर कुछ लोग जागे और उनकी वजह कर बिहार मे भी सरकारी तालीमी एदारा खुलना शुरु हुआ.. बिहार स्कुल आफ़ इंजिनयरिंग वजुद मे आई.. National…

प्रोफ़ेसर हकीम सय्यद अलीमउद्दीन बलख़ी

प्रोफ़ेसर हकीम सय्यद अलीमउद्दीन बलख़ी

प्रोफ़ेसर हकीम सय्यद अलीमउद्दीन बलख़ी का जन्म 9 फ़रवरी 1927 को पटना ज़िला के फ़तुहा में मौजूद ख़ानक़ाह बलख़िया में एक सूफ़ी घराने में हुआ था।शुरुआती तालीम घर पर हासिल की; फिर मदरसा इलाहियत, कानपुर से 1952 में आलिम का सनद हासिल किया। उसके बाद हिकमत की पढ़ाई करने पटना के तिब्बी कॉलेज में दाख़िला लिया, और 1952 में वहाँ से सनद हासिल की। और फिर वहीं पढ़ाने लगे। प्रोफ़ेसर के पद से होते हुवे वो इस कॉलेज के चौथे प्रिन्सिपल बने। मई 1981 से मार्च 1985 तक वो तिब्बी…