Sultan Alauddin Kaikobad ( kayqubad ) & Seljuke Empire

Sultan Alauddin Kaikobad ( kayqubad ) & Seljuke Empire-Thelegendpeople

Kaikobad I or Alaud’s Cubad bin Kikwas (Persian: ءعلادین کیقباد بن کیکاوس Turkish Turkish: I. सुल्तान अलाउद्दीन का क्यूबाड, ११८८-१२३७) के सेल्जुक सुल्तान थे। जिन्होंने 1220 से 1237 तक शासन किया। इसने अपने पड़ोसियों की कीमत पर सल्तनत की सीमाओं का विस्तार किया। विशेष रूप से मैंगोस्टीन बेलेक और ऑबर्जिन। और भूमध्य सागर में सीलोन की उपस्थिति के साथ, उन्होंने कलन ओरोस के बंदरगाह पर कब्जा कर लिया। बाद में उनके सम्मान में एलिय्याह का नाम बदल दिया गया। सुल्तान अलाउद्दीन, जिसे कभी-कभी “कीकोबाद ग्रेट” कहा जाता है, को आज…

Mohammad Syed Khan Founder of SKBM college

Mohammad Syed Khan Founder of SKBM college

आधुनिक कमसार के शिक्षा जगत के निर्माता के रूप में यदि किसी एक व्यक्ति के नाम का उल्लेख करना हो तो वह डिप्टी सईद खान है इन्होंने अपनी लगन निष्ठा और योग्यता से जीवन प्रयत्न करके कमसार के लोगों को तालीम हासिल करने के लिए अनेकों प्रकार की कोशिश की उसकी वजह यह है कि हमारे इलाके हमारे क्षेत्र दिलदारनगर में बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए एसकेबीएम इंटर कॉलेज साइदो कमसार बार मुस्लिम इंटर कॉलेज की स्थापना की उप. सैयद एस.बी. कामसर के लोगों के कल्याण और खुशी के…

The100: इतिहास में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की रैंकिंग

The 100: A Ranking of the Most Influential People in History

द 100: ए रैंकिंग ऑफ़ द मोस्ट इन्फ्लुएंशियल पर्सन्स इन हिस्ट्री, माइकल एच. हार्ट की 1978 की एक किताब है, जो एक खगोल भौतिकीविद्, विदेशी जीवन शोधकर्ता और श्वेत अलगाववादी है। यह हार्ट की पहली पुस्तक थी, जिसे 1992 में संशोधनों के साथ पुनर्मुद्रित किया गया था। यह उन 100 लोगों की रैंकिंग है, जिन्होंने हार्ट के अनुसार मानव इतिहास को सबसे अधिक प्रभावित किया। हार्ट ने 1999 में एक और किताब लिखी, जिसका शीर्षक था ए व्यू फ्रॉम द ईयर 3000, जिसे उस भविष्य के वर्ष के एक व्यक्ति…

अलाउद्दीन खिलजी जीवनी – Biography of Alauddin Khilji in Hindi

Alauddin Khilji Biography in Hindi

अलाउद्दीन खिलजी से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ अलाउद्दीन ख़िलजी (1296-1316 ई.) दिल्ली का सुल्तान था। वह ख़िलजी वंश के संस्थापक जलालुद्दीन ख़िलजी का भतीजा और दामाद था। सुल्तान बनने के पहले उसे इलाहाबाद के निकट कड़ा की जागीर दी गयी थी। अलाउद्दीन ख़िलजी का बचपन का नाम अली ‘गुरशास्प’ था। उसके तख्त पर बैठने के बाद उसे ‘अमीर-ए-तुजुक’ का पद मिला। मलिक छज्जू के विद्रोह को दबाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण जलालुद्दीन ने उसे कड़ा-मनिकपुर की सूबेदारी सौंप दी। भिलसा, चंदेरी एवं देवगिरि के सफल अभियानों से प्राप्त…

महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों की सूची और भारतीय इतिहास में उनका योगदान

list-of-important-personalities-and-their-contribution-in-indian-history

भारत आज जो कुछ भी है, वह सदियों से कई नेताओं के योगदान के कारण है। इन नेताओं ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया जो भारतीय समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं। भारत आज जो कुछ भी है, वह सदियों से कई नेताओं के योगदान के कारण है। इन नेताओं ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया जो भारतीय समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं। यहां “भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और उनके योगदान की सूची” है। भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व और उनका योगदान…

मुग़ल बादशाह बाबर की आख़री जंग

mugal baber last war in bihar chpara

आज ही के दिन 6 मई 1529 को बिहार छपरा में “घाघरा का युद्व” लड़ा गया। यह जंग मुग़ल बादशाह बाबर की आख़री जंग थी। ये जंग जितनी ज़मीन पर लड़ी गयी उतनी ही पानी पर, जंग के बाद घाघरा नदी खून से लाल हो गयी थी। मुग़ल बादशाह बाबर ये जंग बाबर और महमूद लोदी की गठबंधन सेना की बीच लड़ी गयी। इस जंग में बिहार के सुल्तान जलालुद्दीन लोहानी, बंगाल के सुल्तान नुसरत शाह और शेरशाह सूरी ने महमूद लोधी का साथ दिया था। तब शेरशाह सूरी लोहानी…

धनेडा की मस्जिद और महान शासक ओरंगजेब का रिश्ता

धनेडा की मस्जिद और महान शासक ओरंगजेब का रिश्ता

महान शासक ओरंगजेब द्वारा किया गया एक ऐसा इन्साफ , जिसे देश की जनता से छुपाया गया l औरंगज़ेब काशी बनारस की एक ऐतिहासिक मस्जिद (धनेडा की मस्जिद) यह एक ऐसा इतिहास है जिसे पन्नो से तो हटा दिया गया है लेकिन निष्पक्ष इन्सान और हक़ परस्त लोगों के दिलो से (चाहे वो किसी भी कौम का इन्सान हो) मिटाया नहीं जा सकता, और क़यामत तक मिटाया नहीं जा सकेगा…।औरंगजेब आलमगीर की हुकूमत में काशी बनारस में एक पंडित की लड़की थी जिसका नाम शकुंतला था, उस लड़की को एक…

03 मई 1481, इसी दिन, सुल्तान मेहमत द्वितीय का निधन हो गया।

03 मई 1481, इसी दिन, सुल्तान मेहमत द्वितीय का निधन हो गया।

मेहमत द्वितीय का जन्म 29 मार्च 1432 को, एडिरने में हुआ था। वह सुल्तान मुराद द्वितीय का पुत्र था। उनकी मां हुमा हटुन थीं। वह एक लंबा, मजबूत और मांसपेशियों वाला आदमी था। मेहमत द्वितीय एक राजनेता और एक सैन्य नेता थे। उन्हें साहित्य, ललित कला और स्मारकीय वास्तुकला में भी रुचि थी। उन्हें प्रसिद्ध विद्वान अक्सस्मेदीन ने शिक्षित किया था। मेहमत सात भाषाएं धाराप्रवाह बोल रहा था। ओटोमन शासक को एक और योग्य श्रद्धांजलि, जेंटिल बेलिनी द्वारा उनका प्रसिद्ध चित्र है। दर्शन और विज्ञान में भी उनकी रुचि थी।…

Ibn Arabi कौन थे Ibn Arabi History in Hindi

On the 17th of Ramadan 560 Hijri, Ibn ʿArabi was born.

इब्ने अरबी का जन्म 26 जुलाई 1165 ई (17 RAMADAN) में स्पेन के Murcia शहर में हुआ था| इनका पूरा नाम अबू अब्दुल्लाह मोहम्मद इब्ने अरबी (ABU ABDULLAH MUHAMMAD IBN ARABI) था I इनके पिता का नाम अबू बकर इब्न-उल अरबी (ABU BAKAR IBN AL-ARABI) था। जो की ANDALUSION में पैदा हुए थे। और AL-MUTAMID IBN ABAD के एक बहुत अच्छे सिपहसालार भी थे। IBN ARABI का सम्बन्ध मशहूरे ज़माना हातिम ताई (AL-HTIMI-TAI) के परिवार से था। इब्ने अरबी सुन्नी थे। हालाँकि 12 इमामों पर उनके लेखन को शियाओं के…